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मूंग दाल हलवा सर्दियों का एक पारंपरिक और स्वादिष्ट भारतीय व्यंजन है। इसे मूंग दाल, चीनी, ढेर सारे घी और सूखे मेवों के साथ बनाया जाता है, जो इसे शादियों और त्योहारों के लिए एक बेहतरीन डेजर्ट बनाता है।
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मूंग दाल को भिगोकर बिना पानी के पीस लें। → घी में सूजी, बेसन और पिसी दाल को धीमी आंच पर सुनहरा भूरा होने तक भूनें। → पानी, चीनी, केसर और इलायची मिलाकर चाशनी तैयार करें। → भुनी हुई दाल में चाशनी और मेवे मिलाकर गाढ़ा होने तक पकाएं।
मूंग दाल को भिगोकर बिना पानी के पीस लें। → घी में सूजी, बेसन और पिसी दाल को धीमी आंच पर सुनहरा भूरा होने तक भूनें। → पानी, चीनी, केसर और इलायची मिलाकर चाशनी तैयार करें। → भुनी हुई दाल में चाशनी और मेवे मिलाकर गाढ़ा होने तक पकाएं।
मूंग दाल हलवा सर्दियों का एक पारंपरिक और स्वादिष्ट भारतीय व्यंजन है। इसे मूंग दाल, चीनी, ढेर सारे घी और सूखे मेवों के साथ बनाया जाता है, जो इसे शादियों और त्योहारों के लिए एक बेहतरीन डेजर्ट बनाता है।
मूंग दाल को धोकर 3 से 4 घंटे के लिए भिगो दें। इसके बाद पानी छानकर दाल को बिना पानी के मिक्सर में पीसकर महीन पेस्ट बना लें।
एक पैन में घी गरम करें और उसमें सूजी और बेसन डालें।
सूजी और बेसन को हल्की आंच पर हल्का सुनहरा होने तक भूनें।
अब इसमें पिसी हुई मूंग दाल डालें और धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए भूनें जब तक कि दाल दानेदार न हो जाए और उसका रंग सुनहरा भूरा न हो जाए।
दूसरे पैन में चाशनी बनाने के लिए पानी और चीनी मिलाकर गर्म करें।
दाल को हमेशा धीमी आंच पर ही भूनें ताकि वह अंदर से अच्छी तरह पके और उसमें गुठलियां न बनें।
सूजी और बेसन डालने से हलवे का टेक्सचर बहुत बढ़िया और दानेदार बनता है और दाल कड़ाही में नहीं चिपकती।
चाशनी मिलाने से पहले भुनी हुई दाल को फ्रिज में रखकर एक महीने तक स्टोर किया जा सकता है।
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