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यह बिना प्याज, टमाटर और अदरक-लहसुन के बनाई जाने वाली एक पारंपरिक कश्मीरी पंडित स्टाइल मटन रोगन जोश की रेसिपी है। दही, सौंफ, सोंठ और रतनजोत के इस्तेमाल से इस मटन करी में एक अनोखा स्वाद और गहरा लाल रंग आता है।
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कश्मीरी मिर्च को भिगोकर पेस्ट बनाएं और दही में सभी सूखे मसाले मिलाकर फेंट लें। → सरसों के तेल को गर्म करके खड़े मसाले और मटन डालें, फिर तेज आंच पर 10 मिनट भूनें। → मिर्च का पेस्ट और दही का मिश्रण डालकर तेल अलग होने तक ढककर पकाएं। → गर्म पानी डालें और मटन को धीमी आंच पर गलने तक 30 मिनट तक पकाएं। → घी में रतनजोत और हींग का तड़का लगाकर करी में छानें, 10 मिनट और पकाकर हरा धनिया डालें।
कश्मीरी मिर्च को भिगोकर पेस्ट बनाएं और दही में सभी सूखे मसाले मिलाकर फेंट लें। → सरसों के तेल को गर्म करके खड़े मसाले और मटन डालें, फिर तेज आंच पर 10 मिनट भूनें। → मिर्च का पेस्ट और दही का मिश्रण डालकर तेल अलग होने तक ढककर पकाएं। → गर्म पानी डालें और मटन को धीमी आंच पर गलने तक 30 मिनट तक पकाएं। → घी में रतनजोत और हींग का तड़का लगाकर करी में छानें, 10 मिनट और पकाकर हरा धनिया डालें।
यह बिना प्याज, टमाटर और अदरक-लहसुन के बनाई जाने वाली एक पारंपरिक कश्मीरी पंडित स्टाइल मटन रोगन जोश की रेसिपी है। दही, सौंफ, सोंठ और रतनजोत के इस्तेमाल से इस मटन करी में एक अनोखा स्वाद और गहरा लाल रंग आता है।
सूखी कश्मीरी लाल मिर्च के बीज चाकू की मदद से निकाल लें और इन्हें गर्म पानी में आधे घंटे के लिए भिगो दें। इसके बाद इन्हें पीसकर एक महीन पेस्ट बना लें।
एक बाउल में दही लें और उसमें सौंफ पाउडर, सोंठ पाउडर, धनिया पाउडर, गरम मसाला, लाल मिर्च पाउडर, भुना जीरा पाउडर और एक चुटकी हींग डालकर अच्छी तरह मिला लें।
एक हांडी में सरसों का तेल डालें और धुआं निकलने तक गर्म करें। फिर गैस बंद करके तेल को थोड़ा ठंडा होने दें ताकि मसाले जले नहीं।
हल्के ठंडे तेल में तेजपत्ता, दालचीनी, काली मिर्च, बड़ी इलायची, छोटी इलायची, लौंग और शाही जीरा डालें।
मसाले कड़कने पर मटन के टुकड़े डालें और तेज आंच पर लगभग 10 मिनट तक भूनें। भूनते समय ही 1 बड़ा चम्मच नमक भी डाल दें ताकि मटन अपना पानी और जिलेटिन छोड़ सके।
असली कश्मीरी मटन रोगन जोश में प्याज, टमाटर, अदरक या लहसुन का उपयोग बिल्कुल नहीं किया जाता है।
सरसों के तेल को धुआं उठने तक गर्म करना बहुत जरूरी है ताकि उसका कड़वापन दूर हो सके।
रतनजोत (Alkanet Root) एक प्राकृतिक जड़ी-बूटी है जिससे रोगन जोश को इसका पारंपरिक लाल रंग और खास स्वाद मिलता है।
ग्रेवी के लिए हमेशा गर्म पानी का उपयोग करें, ठंडा पानी डालने से मटन सख्त हो सकता है।
हींग का प्रयोग दो बार किया जाता है - एक बार दही के मिश्रण में और दूसरी बार अंत में रतनजोत के तड़के में।
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