Loading recipe...
मसाला निमकी एक खस्ता, कुरकुरी और परतदार नमकीन है, जिसे खास मसालों के चटपटे मिश्रण से तैयार किया जाता है। यह चाय के साथ परोसने और दिवाली जैसे त्योहारों के लिए एक बेहतरीन पारंपरिक स्नैक है, जिसे बनाकर हफ्तों तक स्टोर किया जा सकता है।
Waiting for video to load...
AI structured this recipe from the creator’s video; details may contain errors. Check the source video and support its credited creator.
मैदा, मसाले और तेल मिलाकर सख्त आटा गूंथें और घी-मैदे का घोल बनाएं। → आटे को पतला बेलकर उस पर घोल लगाएं, रोल करें और छोटे टुकड़ों में काटें। → टुकड़ों को बेलकर त्रिकोण आकार में मोड़ें। → धीमी से मध्यम आंच पर कुरकुरा और सुनहरा होने तक तलें। → गरमागरम निमकी पर तैयार मसाला छिड़ककर मिला लें।
मैदा, मसाले और तेल मिलाकर सख्त आटा गूंथें और घी-मैदे का घोल बनाएं। → आटे को पतला बेलकर उस पर घोल लगाएं, रोल करें और छोटे टुकड़ों में काटें। → टुकड़ों को बेलकर त्रिकोण आकार में मोड़ें। → धीमी से मध्यम आंच पर कुरकुरा और सुनहरा होने तक तलें। → गरमागरम निमकी पर तैयार मसाला छिड़ककर मिला लें।
मसाला निमकी एक खस्ता, कुरकुरी और परतदार नमकीन है, जिसे खास मसालों के चटपटे मिश्रण से तैयार किया जाता है। यह चाय के साथ परोसने और दिवाली जैसे त्योहारों के लिए एक बेहतरीन पारंपरिक स्नैक है, जिसे बनाकर हफ्तों तक स्टोर किया जा सकता है।
एक परात में 2 कप मैदा लें। इसमें 1 छोटा चम्मच नमक, 1 छोटा चम्मच जीरा, 1 छोटा चम्मच कलौंजी, हथेलियों से मसलकर ½ छोटा चम्मच अजवाइन और 1 छोटा चम्मच दरदरी कुटी काली मिर्च डालकर अच्छी तरह मिला लें।
मैदे में 4 बड़े चम्मच तेल डालें और दोनों हाथों से अच्छी तरह रगड़ते हुए मोयन लगाएं, जब तक कि मिश्रण मुट्ठी में बांधने पर बंधने न लगे।
लगभग ½ कप पानी धीरे-धीरे डालते हुए एक सख्त (टाइट) आटा गूंथ लें। आटे को ज्यादा गूंथना नहीं है, सिर्फ एक साथ इकट्ठा करके थोड़ी देर आराम (रेस्ट) के लिए रख दें।
एक छोटी कटोरी में 2 बड़े चम्मच नरम/पिघला घी और 2 बड़े चम्मच मैदा लेकर चम्मच से फेंटते हुए चिकना गाढ़ा घोल (साटा) तैयार करें।
तैयार आटे को बिना सूखा आटा लगाए बेलन की मदद से जितना हो सके उतना पतला और गोल बेल लें।
आटे में मोयन के लिए तेल का उपयोग करने से निमकी एकदम कड़क और खस्ता बनती है, जबकि घी का मोयन इसे मठरी जैसा खुरदुरा बनाता है।
आटा बिल्कुल सख्त (टाइट) गूंथना चाहिए, ढीला आटा होने पर निमकी कुरकुरी नहीं बनेगी।
रोटी पर घी और मैदे का घोल बहुत ही कम और पतला लगाना चाहिए; ज्यादा लगाने से तलते समय निमकी खुल सकती है।
निमकी को बेलते समय सूखा आटा या मैदा बिल्कुल न लगाएं, वरना तलते समय तेल खराब हो जाएगा।
निमकी को शुरुआत में मध्यम-धीमी आंच पर तलें ताकि वह अंदर तक पक जाए और परतें खुल सकें, फिर अंत में अच्छा रंग देने के लिए आंच बढ़ाएं।
मसाला हमेशा निमकी के गरम रहते ही छिड़कें ताकि वह आसानी से चिपक जाए।
Please log in to join the conversation and earn XP!
Loading comments...