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नवरात्रि और व्रत के लिए यह एक बेहद स्वादिष्ट और पारंपरिक फलाहारी व्यंजन है। इसमें गाढ़ी, खट्टी-मीठी दही वाली आलू की रसेदार सब्जी और बिना फटे फूली-फूली, कुरकुरी कुट्टू की पूरियां बनाई जाती हैं।
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【आलू की सब्जी】घी में जीरा, मिर्च, अदरक भूनें, फेंटा हुआ दही-पानी डालकर उबाल आने तक लगातार चलाएं, फिर मोटे टूटे आलू व सेंधा नमक डालकर 10-12 मिनट ढककर पकाएं और अंत में काली मिर्च व धनिया मिलाएं। → 【कुट्टू का आटा】कुट्टू के आटे में मसला हुआ आलू, सेंधा नमक, काली मिर्च और ज़रूरत पड़ने पर पानी का छींटा देकर आटा गूंथें। → 【पूरी बनाना】लोई को तेल लगी प्लास्टिक शीट के बीच रखकर कटोरी/प्लेट से दबाकर गोल बेलें। → 【तलना और परोसना】गरम तेल में पूरी को सुनहरा और फूला हुआ तलें और गरमा-गरम आलू की सब्जी के साथ परोसें।
【आलू की सब्जी】घी में जीरा, मिर्च, अदरक भूनें, फेंटा हुआ दही-पानी डालकर उबाल आने तक लगातार चलाएं, फिर मोटे टूटे आलू व सेंधा नमक डालकर 10-12 मिनट ढककर पकाएं और अंत में काली मिर्च व धनिया मिलाएं। → 【कुट्टू का आटा】कुट्टू के आटे में मसला हुआ आलू, सेंधा नमक, काली मिर्च और ज़रूरत पड़ने पर पानी का छींटा देकर आटा गूंथें। → 【पूरी बनाना】लोई को तेल लगी प्लास्टिक शीट के बीच रखकर कटोरी/प्लेट से दबाकर गोल बेलें। → 【तलना और परोसना】गरम तेल में पूरी को सुनहरा और फूला हुआ तलें और गरमा-गरम आलू की सब्जी के साथ परोसें।
नवरात्रि और व्रत के लिए यह एक बेहद स्वादिष्ट और पारंपरिक फलाहारी व्यंजन है। इसमें गाढ़ी, खट्टी-मीठी दही वाली आलू की रसेदार सब्जी और बिना फटे फूली-फूली, कुरकुरी कुट्टू की पूरियां बनाई जाती हैं।
【आलू की सब्जी】एक बाउल में दही और पानी डालकर व्हिस्क से अच्छी तरह फेंटकर पतली छाछ बना लें।
【आलू की सब्जी】कढ़ाई में घी गरम करें। इसमें जीरा, बारीक कटी हरी मिर्च और कटा हुआ अदरक डालकर खुशबू आने तक हल्का भूनें।
【आलू की सब्जी】अब इसमें तैयार की हुई छाछ डालें और गैस की आंच तेज रखकर लगातार चलाते रहें जब तक कि इसमें एक उबाल न आ जाए, ताकि दही फटे नहीं।
【आलू की सब्जी】उबले हुए आलू को हाथों से तोड़कर मोटे-मोटे टुकड़ों में डालें (बारीक मैश न करें), साथ ही स्वादानुसार सेंधा नमक डालकर मिला दें।
【आलू की सब्जी】उबाल आने के बाद आंच धीमी करें और ढककर 10-12 मिनट तक पकने दें ताकि ग्रेवी गाढ़ी हो जाए और आलू में स्वाद समा जाए।
दही-पानी का मिश्रण कढ़ाई में डालने के बाद जब तक उबाल न आ जाए, तब तक लगातार चलाते रहना बहुत जरूरी है, वरना दही फट सकती है।
आलू को पूरी तरह मैश करके ग्रेवी में न डालें, मोटे टुकड़ों में तोड़कर डालने से ग्रेवी को सही गाढ़ापन और टेक्सचर मिलता है।
कुट्टू के आटे में उबला आलू डालने से पूरियों में बाइंडिंग आती है और वे बेलते व तलते समय फटती नहीं हैं।
आटा गूंथने के तुरंत बाद पूरियां बना लें। यदि समय लग रहा हो, तो आटे को हल्के गीले कपड़े से ढककर रखें ताकि वह सूखे नहीं।
कुट्टू की पूरी बेलने के लिए प्लास्टिक शीट पर तेल लगाकर प्लेट या कटोरी से दबाने का तरीका सबसे आसान और सुरक्षित है।
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